नाना पाटेकर की बेहद सफल फिल्मों में रही ‘अब तक छप्पन’ से जुड़ी एक बहुत ही बुरी खबर सामने आ रही है. दरअसल, इस फिल्म के सह-लेखक रविशंकर आलोक ने आत्महत्या कर ली है. वो 32 साल के एक स्क्रीप्ले राइटर थे. ऐसा कहा जा रहा है कि उन्होंने अपनी बिल्डिंग की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली.

‘अब तक छप्पन’ के राइटर ने की खुदकुशी

नाना पाटेकर की बेहद सफल फिल्मों में शुमार ‘अब तक छप्पन’ के सह-लेखक जो कि स्क्रीनप्ले राइटर थे उन्होंने अपनी बिल्डिंग की छत से कूदकर खुदकुशी कर ली. वो अंधेरी वेस्ट में रहते थे. आत्महत्या की जानकारी देने वाली एजेंसी पीटीआई ने ये भी जानकारी दी है कि, वो ‘अब तक छप्पन’ के लेखकों में शामिल थे. उनकी सोसाइटी के वॉचमैन ने ये जानकारी दी है कि आलोक के माता-पिता अभी हाल ही में उनके साथ कुछ दिनों के लिए रहने आए थे जिसके बाद वो वापस पटना चले गए. आलोक बिहार के रहने वाले थे.

बिल्डिंग का टेरेस लॉक रहता है

वॉचमैन ने आगे कहा कि, बिल्डिंग का टेरेस हमेशा लॉक ही रहता है पर उन्हें नहीं पता कि आखिर आलोक कैसे छत पर पहुंच गए. जब उन्होंने धड़ाम की तेज आवाज सुनी तो वो दौड़कर वहां पहुंचे और आलोक को खून में लथपत पाया जिसके बाद एंबुलेंस और पुलिस वालों को बुलाया गया. फिलहाल अभी इसके पीछे की वजहों के बारे में पुलिस पता लगा रही है कि ऐसा क्या हुआ जिससे आलोक ने इतना बड़ा कदम उठाया.