कोलकाता: पुरे राष्ट्र में सब जानते है कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस पार्टी  वामपंथी दलों को पछाड़ कर तृणमूल कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष ममता बनर्जी CM पद पर काबिज हैं ममता की तृणमूल कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता कितने शक्तिशाली  निडर है, इसका अंदाजा वर्धमान जिले में पंचायत चुनाव के दौरान देखने को मिला है

पंचायत चुनाव जीतने के लिए ममता के समर्थकों ने एक-दूसरे पर हमला किया है, सामान्य मारपीट नहीं बल्कि एक दूसरे पर बम फेंके हैं इस बमबारी में 7 लोग बुरी तरह घायल हो गए हैं ममता के समर्थक जब आपस में ही बमबारी कर रहे हैं तो कांग्रेस पार्टी  वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं को मारने  भगाने के लिए उन्होंने क्या कुछ नहीं किया होगा, इसका भी अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस)  बीजेपी (भाजपा) के नेता भी अब आवाज़ उठा रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में उनके कार्यकर्ताओं की हत्याएं की जा रही हैं विरोधियों के आरोपों के जवाब में ममता हमेशा यही कहती नज़र आती हैं कि कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य गवर्नमेंट की है ममता ने अब तक राज्य में जो बंदोवस्त किए उसी का नतीजा है कि अब तृणमूल के कार्यकर्ता आपस में ही बमबारी कर रहे हैं