हाल ही में जब बिग बॉस का नया सीजन शुरू हुआ और उसमे भजन गायक अनूप जलोटा तथा उनसे 37 साल छोटी उनकी शिष्या जसलीन मथारू के प्रेम सम्बन्ध दुनिया की नजर में आये तो लोगों ने इस विषय पर चुटकियां ली, जोक बनाये और आगे बढ़ गए। पर जब ऐसा ही कुछ एक दशक पहले एक आम प्रोफ़ेसर और उनकी स्टूडेंट ने करने की कोशिश की थी तब उनका बहुत ज्यादा विरोध हुआ था।

जी हाँ हम बात कर रहे है बिहार के चर्चित मटुकनाथ और जुली की प्रेमकहानी की जो एक दशक पहले बहुत चर्चित हुआ था। आज प्रोफ़ेसर मटुकनाथ का जन्मदिन है और आज ही वे रिटायर भी हो रहे हैं। हालांकि वे और जुली अब साथ नहीं है पर जब भी उनका नाम लिया जाता है तब उनके साथ जुली का नाम भी स्वयं आ जाता है। इन दोनों की प्रेम कहानी ने बहुत सुर्खियाँ बटोरी थी।

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जूली और प्रोफ़ेसर मटुकनाथ की पहली मुलाकात वर्ष 2004 में हुई थी। मटुकनाथ जहाँ पटना के बीएन कॉलेज में पढ़ाया करते थे वहीं जूली उनकी छात्रा थीं। मटुकनाथ ने एकबार अपनी पहली मुलाक़ात के बारे में बताते हुए कहा था की वो काले रंग की पोशाक में उनकी कक्षा में आई थी और लगभग 7 मिनट देर से आई थी। उन्होंने बताया की जुली उन्हें पहली नज़र में भा गई थी पर उन्हें क्लास में लेट आने वाले छात्र पसंद नहीं थे, इस कारण उन्होंने जूली को डांटा और कहा कि अगर देर से ही आना है तो वे उनकी क्लास करना छोड़ दे।

शुरुआती तल्खी के बाद भी दोनों में धीरे धीरे नजदीकियां बढ़ी क्योंकि जुली कक्षा के बाकी छात्रों से ज्यादा तेज थीं हालांकि उनकी भाषा अच्छी नहीं थी। बहरहाल धीरे धीरे नजदीकियां बढ़ती गई और 6 माह के अंदर अंदर ही जुली ने मटुकनाथ के समक्ष अपने प्रेम सम्बन्ध का प्रस्ताव रख दिया। मटुकनाथ भी कही ना कही जुली की तरफ आकर्षित थे तो यह सम्बन्ध धीरे धीरे परवान चढ़ने लगा। उस दौरान प्रोफ़ेसर साब ने पहली बार मोबाइल ख़रीदा क्योंकि उन्हें जुली से बात करनी होती थी। इसके अलावा कॉलेज के बाहर भी वे दोनों मिलने लगे।

जब इन दोनों का इश्क़ ज्यादा बढ़ने लगा तो प्रोफ़ेसर साब की पत्नी और बेटे ने इस पर आपत्ति जाताना शुरू किया। एक बार मिडिया के सामने इसकी बहुत ज्यादा छीछालेदर भी हुई। मटुकनाथ और जूली 2007 से लेकर 2014 तक पूरे 7 साल तक एक दूसरे के साथ लिवइन रिलेशनशिप में रहे। इसके बाद जुली का झुकाव आध्यात्म की तरह ज्यादा हो गया और वो अक्सर दुसरे शहरों में अध्यात्म साथना के लिए भ्रमण करने लगी। इस दौरान वे कई बार पटना वापिस आती और मटुकनाथ के साथ रहती थी।

मटुक जुली के सम्बन्धो में इसी साल के शुरुआत में तब एक नया मोड़ आया जब जुली ने पूरी तरह से इस रिश्ते को खत्म कर के आध्यात्म के लिए काम करने का मन बना लिया। जूली अब आध्यात्म की ओर चली गई हैं और मटुकनाथ को ये पता भी नहीं कि वो आज कहां हैं। मटुकनाथ का ने इस पूरे मसले पर उस दौरान कहा थे वो जूली से अलग नहीं हुए बस उन्होंने अलग अलग रहने का फैसला किया है, जहाँ तक बात प्रेम की है तो उनका प्रेम अभी भी चालू है और उनके मन में प्रेम की प्यास हमेशा बनी रहेगी।