नई दिल्ली: IPL 2018 के लिए जयपुर में नीलामी की जा रही है इस नीलामी में 346 क्रिकेटर शामिल हुए हैं, जिनमें से 9 खिलाड़ियों का बेस प्राइस 2 करोड़ रुपये है आठ टीम लगातार 47 दिनों तक क्रिकेट प्रेमियों का भरपूर मनोरंजन करेंगी राष्ट्र  विदेश के सभी खिलाड़ी चाहते हैं कि वे इस टूर्नामेंट का भाग बनें, क्योंकि यहां पैसों की बारिश होती है इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 12 वर्षों में IPL की ब्रांड वैल्यू जीरो से 45 हजार करोड़ तक पहुंच गया ऐसे में यह सवाल लाजिमी है कि करोड़ों खर्च करने के बाद टीमें कैसे कमाती हैं? सहयोगी वेबसाइट ज़ीबिज़ की टीम ने इसको लेकर एक रिपोर्ट तैयार की है

बिजनेस के‍ लिए IPL का डिजाइन
IPL को भले ही क्रिकेट के एक फॉर्मेट के रूप में देखा जाता हो लेकिन, वास्तव में IPL की आरंभबिजनेस के लिहाज से हुई थी फ्रेंचाइजी ने भी इसे पूरी तरह कॉमर्शियलाइज किया कंपनियों ने आक्रामक ढंग से बिजनेस का एडवरटाईजमेंट भी किया पिछले वर्ष जियो ने पूरी स्पॉन्सरशिप खरीदकर एडवरटाईजमेंट जगत भी हलचल मचा दी

क्या है IPL का बिजनेस प्लान
कम ही लोग जानते हैं कि IPL का बिजनेस प्‍लान भी है दरअसल, बिजनेस प्लान के मुताबिक ही प्राइवेट कंपनियों को फ्रेंचाइजी खरीदने के लिए आमंत्रण दिए जाते हैं क्रिकेट टीम के लिए फ्रेंचाइजी बड़ा निवेश करती हैं फ्रेंचाइजी के बाद कॉरपोरेट्स भी क्रिकेट में निवेश के लिए आकर्षित होते हैंतमाम महान कंपनियां न सिर्फ को-ऑनरशिप लेती हैं बल्कि एडवरटाईजमेंट के जरिए भी करोड़ों रुपए बहाया जाता है यही वह रास्‍ता है जहां से IPL की ब्रांड वैल्यू तैयार होती है

कॉरपोरेट जगत भी जुड़ा साथ
IPL के जरिए न सिर्फ दुनियाभर के क्रिकेटर्स एक स्थान इकट्ठा हुए, बल्कि हिंदुस्तान का कॉरपोरेट जगत भी इसका साथ जुड़ गया हालांकि, आम पब्लिक के लिए यह समझना कठिन है कि कैसे IPL फ्रेंचाइजी करोड़ों रुपए खर्च करती हैं  उनकी कमाई कैसे होती है

टी-शर्ट पर लोगो का भी मिलता है पैसा
IPL ने कॉरपोरेट इंडिया को स्‍पॉन्‍सर्स के लिए भी प्रेरित किया कभी प्‍लेयर्स की टीशर्ट पर कंपनी के लोगो के लिए कोई कॉरपोरेट पैसा नहीं देता था, लेकिन अब इसके लिए मोटी रकम चुकाई जाती हैअंतरराष्‍ट्रीय  हिंदुस्तान की तमाम बड़ी कंपनियां इस खेल को स्‍पॉन्‍सर करती हैं

IPL टीमें ऐसे करती हैं कमाई

1. मीडिया राइट्स
IPL टीम द्वारा कुल कमाई में 60-70 प्रतिशत हिस्‍सा मीडिया राइट्स का होता है यह IPL में एक रेवेन्‍यू डिस्‍ट्रीब्‍यूशन का मॉडल है इसमें बीसीसीआई ब्रॉडकास्‍टर  औनलाइन स्‍ट्रीमर से मोटी रकम वसूली जाती है इसमें से सभी आईपीएल टीम को भी भाग दिया जाता है इसका बंटवारा टीम की रैंकिंग के आधार पर होता है टीम की रैंक जितनी अधिक होती है उसे मीडिया रेवेन्‍यू में उतना बड़ा हिस्‍सा मिलता है

2. टिकट बिक्री
स्‍टेडियम में टिकट बिक्री से भी फ्रेंचाइजी की कमाई होती है टिकट का दाम टीम मालिक तय करते हैं IPL टीम के रेवेन्‍यू में टिकट का हिस्‍सा करीब 10 प्रतिशत है

3. प्राइज मनी
प्राइज मनी को टीम मालिक  खिलाड़ियों के बीच बांटा जाता है IPL के हर मैच में भी नकद राशि ईनाम के तौर पर दी जाती है 2018 में 120 करोड़ रुपए ईनाम के तौर पर दिए गए चैंपियन टीम को ईनाम राशि का सबसे बड़ा हिस्‍सा मिलता है जो 2018 के सीजन में 20 करोड़ रुपए था रनरअप टीम को 12.5 करोड़ रुपए दिए गए थे तीसरे  चौथे नंबर की टीमों को 8.75 करोड़ रुपए दिए

4. किट  जर्सी पर भी बरसता है पैसा
ब्रांड स्‍पॉन्‍सरशिप के जरिए भी IPL टीम मालिकों की बड़ी कमाई होती है फ्रेंचाइजी ब्रांड के साथ सीजन का करार करके उनके लोगो को टीम किट  जर्सी पर स्थान देते हैं स्‍टेडियम की बाउंड्री पर लगने वाले विज्ञापनों को स्पेस के मुताबिक बेचा जाता है जर्सी के फ्रंट  बैक पर लोगो छापने के लिए सबसे बड़ी स्‍पॉन्‍सरशिप फीस चुकानी होती है कुल कमाई में स्‍पॉन्‍सरशिप का हिस्‍सा 20-30 प्रतिशत होता है

5. मर्चेंडाइज सेल्‍स
हिंदुस्तान में खेल सामग्री का मार्केट सालाना आधार पर 100 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है  यह मार्केट तकरीबन 3 करोड़ डॉलर का है प्रत्‍येक फ्रैंचाइजी मर्चेंडाइज की बिक्री करती है, जिसमें टी-शर्ट, कैप, रिस्‍ट वॉच  अन्‍य कई सामग्री शामिल हैं