भोपाल। सरकार का विरोध करने के लिए विपक्षी राजनीतिक दल तरह-तरह के हथकंडे अपनाते रहते हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश के सागर जिले के एक परिवार ने सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ विरोध का अनोखा तरीका खोज निकाला है। ये परिवार बीजेपी को वोट देना अपने जीवन की सबसे बड़ी भूल मानता है। इस भूल को स्वीकारते हुए इस परिवार ने अपनी बेटी के शादी के कार्ड में हमारी भूल कमल का फूल छपवा दिया है। अब तक लोग पीएम मोदी को अपनी बेटियों के शादी के लिए निमंत्रण पत्र भेजते थे। ये पहला मामला है जहां किसी ने इस तरीके से बीजेपी का विरोध किया है।

जानिए क्यों किया इस परिवार ने ऐसा

इस परिवार का बोझ उठाने वाले बेटे अनुराग जैन 2010 में स्वास्थय विभाग में संविदा पर नियुक्त हुए थे। सरकार ने उनके साथ-साथ संविदा पर तैनात करीब 473 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। जिससे इस परिवार का जीवन-यापन संकट में आ गया है। अनुराग की मां अनीता ने बताया कि हमारा लड़का 7 साल पहले नौकरी करता था, जून में सेवा खत्म कर दी, घर में आय का कोई साधन नहीं है। हमने खेती गिरवी रखी है, लोन लेने के लिए सोमवार को जाएंगे। साल में बेटा 50 बार भोपाल गया, कितने लोगों से उधार लिया है। हमने ज़िंदगी में एक ही गलती की कि बीजेपी को वोट दिया।

अनुराग ने कहा कि अभी हमने कार्ड पर छपवाया है, आगे बच्चों की स्कूल ड्रेस में, फिर घर के बाहर बैनर भी लगवाएंगे। सरकार नौजवानों को नौकरी देने की बात कह रही है, लेकिन हकीक़त में उनसे नौकरी छीनी जा रही है।

जेपी ने दिया ये जवाब

बीजेपी प्रवक्ता राहुल कोठारी ने कहा, ‘शिवराज सरकार में कभी न ओवरड्राफ्ट हुआ ना तनख्वाह रुकी, संविदा कर्मियों के मामले में दिखा है कि काम नहीं करते, उस मानसिकता में नहीं ढल पाते हैं। इसलिये सरकार को कड़े फैसले करने पड़ते हैं। अगर शादी में समस्या थी तो कलेक्टर को सूचना देते, वो मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के माध्यम से शादी करवाते, विदाई भी कर आते।

कांग्रेस ने बोला सरकार पर हमला

शादी के इस अनोखे कार्ड के जरिए आम आदमी के सरकार के प्रति इस विरोध पर कांग्रेस हमलावर हो गई है। कांग्रेस प्रवक्ता के के मिश्रा ने कहा, ‘ये संकेत अभी चिंगारी के रूप में सामने आया है, 2018 में ज्वालामुखी बनेगा। समाज का हर वर्ग क्षुब्ध है सरकार को मुंह बचाना भी मुश्किल होगा।’

सरकारी आंकड़े कहते हैं कि पिछले दो सालों में मध्यप्रदेश में 53 फीसद बेरोजगार बढ़े हैं, जबकि राज्य में लगभग डेढ़ करोड़ युवा हैं। चुनाव साल के आखिर में हैं, हालात नहीं संभले तो वाकई स्थिति विस्फोटक हो सकती है।