मुंबई-  ताज होटल की पूर्व कार्यकारी सहायक ने तत्कालीन सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर राकेश सरना पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। 2016 में उनका इस्तीफा रतन टाटा-सायरस मिस्त्री विवाद के दौरान मीडिया में सामने आया था। अब उन्होंने इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़कर बोलने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि मी टू अभियान की धारा ने उन्हें इस मामले पर बोलने के लिए प्रेरित किया।

इस कार्यकारी सहायक का नाम अंजलि पंडित है। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उन्होंने टाटा संस के कई दरवाजों को खटखटाया था लेकिन बहुत कम लोगों ने उनकी बात सुनी। इसकी वजह से उनके पास नौकरी छोड़ने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा। उनकी शिकायत के बाद टाटा संस ने एक नई समिति बनाई जहां उनकी सुनवाई होनी थी। उनका कहना है कि दो साल बाद भी उन्हें निष्कर्षों की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।

पंडित अमेरिका की नागरिक और ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) की कार्ड धारक हैं। वह लंदन की एक वित्तीय सलाहकार कंपनी के साथ काम करती हैं। वह 2009 में 23 साल की उम्र में टाटा समूह के साथ जुड़ी थीं। पेरिस से अपनी मास्टर की पढ़ाई करने के बाद वह सायरस मिस्त्री की अधियक्षता वाले टाटा संस में जनवरी 2014 में वापस लौटीं। जहां वह यूरोप, मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका के साथ सरकारी संबंधों का प्रबंधन किया करती थीं।

पंडित का कहना है कि अपनी ड्रीम जॉब के एक साल बाद उनसे पूछा गया कि क्या वह ताज होटल्स में कार्यकारी सहायक के पद पर जा सकती हैं। उन्होंने कहा, ‘दिसंबर में मुझे मेरी सैलरी पर बातचीत करने के लिए एक असहज फोन आया। जब मैं ऑफर से नाखुश हुई तो सरना ने कहा, मुझे लगता है कि तुम इतनी खूबसूरत हो कि तुम्हें एक करोड़ रुपये दिए जा सकें लेकिन मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं प्यारी।’ यह पहला संकेत था कि सबकुछ सही नही है।