गणतंत्र दिवस के दिन उत्तर प्रदेश के कासगंज में हिंसा भड़क गयी थी जिसमे एक चंदन नामक युवक की मौत हो गयी थी। इस घटना के बाद बरेली के डीएम ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया था जिसके बाद उनका विरोध हुआ और सरकार ने उन्हें तलब किया था। अब हरियाणा के चर्चित आईएएस अधिकारी प्रदीप कासनी ने सोशल मीडिया पर कासगंज हिंसा की आलोचना करते हुए घटना को ‘कष्टकर प्रसंग’ बताया है।

प्रदीप कासनी ने बरेली के डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह का विवादित पोस्ट भी शेयर करते हुए लिखा कि ‘एक ज़िला मजिस्ट्रेट की पोस्ट ? भीष्म साहनी कृत ‘तमस’ नहीं पढ़ा होगा’ गौरतलब है कि कासगंज में तिरंगा यात्रा निकाली गयी थी और दो गुटों में बहस के बाद हिंसा भड़क गयी थी। इस बारे में आईएएस प्रदीप कासनी एक और पोस्ट में लिखते है कि ‘झंडा फहराने के लिए होता है, न कि भरे-बाजार घसीटने के लिए। घुमाते तो लंगोट हैं, पहलवान। अपने अखाड़े के भीतर, न कि मुहल्लों कूंचों में।’

आईएएस अधिकारी का एक और पोस्ट है जिसमे वह लिखते है कि ‘हे समाज जी, मूरख दंगाइयों की अफवाहबाजी और लावा-लूतरी से तुम्हारी ही फजीहत होती है। बचो, हे समाज जी! तभी हम भी बचेंगे!’ उन्होंने 28 जनवरी की रात मधुवनदत्त चतुर्वेदी के कथन का जिक्र करते हुए उन्होंने एक पोस्ट किया था कि ‘देशभक्ति बलिदानी और शरीफाना होती है, हत्यारी और दंगाई नहीं। लफंगों/लम्पटों ने देशभक्ति का ठेका ले लिया है।’