प्रयागराज : कुंभ के मेले में पहला शाही स्नान बड़ी धूमधाम से सम्पन्न हुआ वहीं शाही स्नान के लिए आए नागा साधु गंगा में गिरने वाले नालों को देखकर खौल उठा. नागाओं ने बोला अगर रामनगरिया मेला शुरु होने से पहले गांगा में गिरने वाले नालों को नहीं रोका गया तो वो किसी भी हद तक जा सकते हैं. इतना ही नहीं नागाओं ने इस दौरान शाही स्नान का भी बहिष्कार कर दिया.

खानापूर्ती कर रहा है प्रशासन

सूत्रों से मिली जानकारियों के अनुसार श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा हमेशा की तरह शाही स्नान करता है. इस अखाड़े से जुड़े नागा साधु पूर्वान्ह उस समय आंदोलित हो गए जब उन्हें पता लगा कि गंगा नदी की शुद्धता के लिए प्रशासन की ओर से सिर्फ खानापूर्ती की जा रही है. प्रातः काल पूरे जोश के साथ स्नान करने की तैयारी कर साधु-संतों ने गंगा के आसपास गंदगी और प्रदूषित जल देख बहिष्कार का ऐलान कर दिया. नागा साधुओं के शाही स्नान का बहिष्कार करने से वहां मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए.

प्रशासन ने किया मनाने का प्रयास

जानकारी के लिए बता दें प्रशासन ने इस दौरान साधु संतों को मनाने का भी कोशिश किया लेकिन उन्होंने किसी की एक न सुनी. साधु संतों ने बोला कि जिस भागीरथी को पृथ्वी पर लाने के लिए न जाने कितने यत्न किए गए उसे प्रदूषित किया जा रहा है. इसे जल्द से जल्द साफ कराना  इसमे गिरने वाले नालों पर रोक लगाना प्रशासन का कार्य है