कुमार स्वामी के नेतृत्व वाली साझेदारी गवर्नमेंट में मंत्री पद को लेकर कांग्रेसी विधायकों में असंतोष थमता नजर नहीं आ रहा है. हाल ही में मंत्रिमंडल में शामिल हुए मंत्रियों के विभाग की घोषणा बृहस्पतिवार को हो सकती है. इसी को लेकर बुधवार को कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता दिन भर माथा पच्ची करते रहे. मीटिंग के बाद अंतिम निर्णय अब कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी पर छोड़ दिया है.पार्टी ने उन्हें संबंधित मंत्री  उनके विभागों की सूची भेजी है.

कांग्रेसी नेताओं को मनाने  मंत्रालय संबंधित रजामंदी के लिए कांग्रेस पार्टी महासचिव  कर्नाटक  प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने बुधवार को वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के साथ कई दौर की मीटिंग की.दरअसल नए मंत्री विभागों के लिए अपने पक्ष में पैरवी कर रहे हैं. पार्टी सूत्रों के मुताबिक कई वरिष्ठ मंत्री अपने पास मौजूद अहम मंत्रालय छोड़ने को तैयार नहीं है, जो कि पार्टी के लिए चिंता का विषय है.

कांग्रेस पार्टी विधायक दल के नेता सिद्धारमैया, कांग्रेस पार्टी प्रदेशाध्यक्ष दिनेश गुंडु राव  उप CMजी परमेश्वर के साथ मीटिंग के बाद वेणुगोपाल ने बोला कांग्रेसी नेताओं से विचार विमर्श कर विभाग बंटवारे की सूची कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की मंजूरी को भेजी जा रही है. वहीं राव ने बोला कि मीटिंग उपयोगी रही. उन्होंने कुछ मंत्रियों द्वारा दो से तीन मंत्रालय में से एक भी दूसरे के लिए नहीं छोड़ने की बातों को अनावश्यक पूर्वानुमान बताया.

उन्होंने बोला कि इस तरह की सभी खबरें निराधार हैं. विभागों से संबंधित अंतिम निर्णय अब राहुल गांधी को लेना है  मुझे लगता है कि बृहस्पतिवार तक पूरी स्थिति साफ हो जाएगी. मंत्रालय से हटाए जाने पर विधायक रमेश जरकिहोली के पार्टी से त्याग पत्र देने की चेतावनी  मंत्री मंडल में शामिल न किए जाने पर वरिष्ठ कांग्रेसी विधायक रामलिंग रेड्डी की नारजगी पर राव ने बोला कि कोई भी नाराज नहीं है. सभी कांग्रेसी एकजुट हैं.